Thursday, 21 April 2016



The animal who has done the utmost harm to planet is celebrating Earth day !
Whattay Irony !


हर एक जगह सूखा, हर एक जान प्यासी

ये दुनिया है या आलम- ए- बदहवासी ! बदहवासी !

बारिश की बूँद को तारसी सारी ज़मीन,

किसी एक हरकत से काश हो जाती पूरी ये कमी !

चलो बोझ बाँट ले पृथ्वी का थोरा

सींच दें  धरती को कुछ करमो- कुछ विचारो की तरलता से.............

Monday, 22 February 2016

मेहनत किसे भाती है , आज़ादी तो सबको रास आती है !
आज़ादी बेवजह नारेबाज़ी की  ,बिन मेहनत जीती हुई बाज़ी की !!
किसी के हक़ को मारने की , अपना खोख्ला वजूत निखारने की !
खूब समझा है मतलब आज़ादी का , हराम की रोटी और ऊँची उपाधि का !!